आजकल महिलाएं पीसीओडी की चपेट में बहुत तेजी से आने लगी हैं। पीसीओडी की वजह से सिर्फ पीरियड साइकिल और फर्टिलिटी पर ही बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है बल्कि स्किन और बालों पर ही बहुत ज़्यादा असर होता है। जहां एक तरफ स्किन पर मुहासों की समस्या आने लगती है, शरीर पर एक्स्ट्रा कड़क बाल आने लगते हैं वहीं दूसरी तरफ सिर से बाल झड़ने लगते हैं। अगर पीसीओडी में आपका भी हेयर फॉल तेजी से हुआ है तो मैक्योर हॉस्पिटल की को-फ़ाउंडर, गायनेकोलॉजी और IVF एक्सपर्ट, डॉ. गीता जैन से जानते हैं कि आखिर पीसीओडी में बाल क्यों झड़ते हैं और क्या ये दुबारा आ सकते हैं?
पीसीओडी में क्यों झड़ते हैं बाल?
पीसीओडी होने पर पुरुषों में पाया जाने वाला एंड्रोजन नामक हार्मोन का स्तर महिलाओं के शरीर में तेजी से बढ़ जाता है। शरीर में एंड्रोजन ज़्यादा होने पर हेयर फॉलिकल्स कमजोर हो जाते हैं जिससे बाल झड़ने लगते हैं। कई महिलाओं में सिर के ऊपरी हिस्से के बाल पतले होने लगते हैं, जबकि कुछ मामलों में बालों की डेंसिटी भी कम हो जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि झड़े हुए बाल हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं।
हॉर्मोन बैलेंस करने पर बालों की ग्रोथ में होगा सुधर:
अगर समय रहते हार्मोनल इम्बैलेंस को ठीक किया जाए, तो हेयर फॉल को रोका जा सकता है। हॉर्मोन बैलेंस होने पर पीसीओडी अपने आप कंट्रोल होता है जिससे हेयर ग्रोथ में सुधार देखा जा सकता है। बाल जड़ से मजबूत बने इसलिए अच्छी डाइट के साथ और हेल्दी जीवनशैली को अपनाना चाहिए। तनाव भी पीसीओडी के लक्षणों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लगातार तनाव हार्मोनल असंतुलन को और बढ़ा सकता है, जिससे बाल झड़ने की समस्या गंभीर हो सकती है इसलिए स्ट्रेस न लें।
हेल्दी हेयर के लिए ये पोषक तत्व हैं ज़रूरी:
पीसीओडी से जुड़े बालों के झड़ने को रोकने के लिए डॉक्टर हार्मोन संतुलित करने वाली दवाओं के अलावा प्रोटीन, आयरन, जिंक, विटामिन डी और बायोटिन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर आहार भी लेने की सलाह देते हैं जो बालों की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।